किसान परेशान; डैम का पानी छोड़ने से खेत-मकान को नुकसान

BETUL NEWS:- बैतूल के मेंढा डैम से निकले बाढ़ के पानी ने गाड़वा पीपला गांव के खेतों और मकानों को तबाह कर दिया है। खेतों की उपजाऊ मिट्टी बह गई, कई खेत नदी में तब्दील हो गए हैं और ग्रामीणों की आजिविका पर संकट मंडरा रहा है।

इस समस्या को लेकर बुधवार को प्रभावित किसानों ने समाजसेवी निखिल बावने के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचकर रैली निकाली और कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।

Damage to farm and house due to release of dam water | डैम का पानी छोड़ने  से खेत-मकान को नुकसान: भूख हड़ताल, चक्काजाम की चेतावनी; किसानों ने 15 दिन  में मुआवजा देने

उन्होंने अपनी समस्याओं का समाधान न होने पर भूख हड़ताल, धरना प्रदर्शन और चक्काजाम करने की चेतावनी दी।

बताया गया कि मेंढा डैम के निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी और मुरम को ताप्ती नदी के किनारे ही डाल दिया गया। इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा आई और बहाव की दिशा बदल गई। परिणामस्वरूप बाढ़ का पानी गाड़वा गांव की ओर मुड़ गया और खेतों की उपजाऊ मिट्टी बह गई। कई मकान और फसलें भी इस बाढ़ की चपेट में आ गईं।

प्रभावित किसानों का कहना है कि वे पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं और अब उनके पास कोई आर्थिक साधन नहीं बचा है। उन्होंने मांग की कि जिस प्रकार डूब क्षेत्र के लोगों को मुआवजा मिला, उसी तरह गाड़वा पीपला के किसानों को भी मुआवजा दिया जाए।

आंदोलन की चेतावनी: भूख हड़ताल और चक्का जाम का ऐलान ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर सर्वे कर मुआवजा नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले चार दिन तक कलेक्टर कार्यालय के सामने भूख हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 15 दिन तक मेंढा डैम स्थल पर धरना प्रदर्शन होगा। अंत में बैतूल-आठनेर मार्ग पर अमदर जोड़ के पास चक्का जाम किया जाएगा।

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