CM मोहन ने बाढ़ और अतिवृष्टि प्रभावितों को भेजें 30 करोड़ रुपये

MP NEWS TODAY:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित 28,400 हितग्राहियों को सिंगल क्लिक के जरिए 30 करोड़ की राहत राशि प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जिलों के पीड़ित परिवारों से वर्चुअली संवाद किया और भरोसा दिलाया कि सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि सरकार अतिवृष्टि प्रभावित हर व्यक्ति के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है. उन्होंने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि अतिवृष्टि या बाढ़ प्रभावितों को कोई भी कठिनाई न आने पाए. जल्द ही जल्द सर्वे पूरा कर पीड़ितों को उनके नुकसान की समुचित भरपाई की जाए. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि अतिवृष्टि वाले जिलों के कलेक्टर्स द्वारा अब तक 28.49 करोड़ रुपए राहत राशि वितरित कर दी गई है.

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बाढ़ पीड़ितों को दी गई राहत राशि

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज बाढ़ प्रभावितों को तीस करोड़ की राहत राशि प्रदान की है। उन्होंने बताया कि अब तक बाढ़ प्रभावितों को 58 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की जा चुकी है, जिसमें 28 करोड़ पहले और 30 करोड़ आज दिए गए। उन्होंने कहा कि ‘आज हमने बाढ़ प्रभावित लोगों को मानवीय सहायता प्रदान की है, अभी फसल के नुकसान का सर्वे चल रहा है, सर्वे पूरा होने पर फसल के नुकसान की राशि भी दी जाएगी।’ उन्होंने कहा कि ‘मेरे लिए आपकी सेवा ही ईश्वर की सेवा है। बाढ़ के इस कठिन दौर में प्रदेश सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है।’

बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 

बता दें कि इस मानसून में अब तक 37% अधिक वर्षा (729.1 मिमी) दर्ज की गई, जिससे गुना, निवाड़ी, टीकमगढ़, मंडला और अशोकनगर जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। इस दौरान 296 जनहानि, 1685 पशुहानि, 299 मकानों को पूर्ण क्षति और 4114 मकानों को आंशिक क्षति हुई। प्रदेश में 61 राहत शिविर संचालित किए गए जिनमें 7345 प्रभावित लोगों को रखा गया। प्रदेश के ज्यादातर सिंचाई बांध 40 से 90% तक भरे हैं, जबकि चार बांध 100% भरे हैं।  सरकार बाढ़ की स्थिति पर निरंतर नजर रख रही है और प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। बाढ़ की स्थिति में सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1079 पर 24×7 संपर्क की व्यवस्था है और संकट की स्थिति में इस नंबर पर फोन करके मदद मांगी जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने बचाव दलों का बढ़ाया मनोबल

निरीक्षण के दौरान उन्होंने बड़ी बारीकी से बचाव कार्यों का अवलोकन किया. बचाव दलों का मनोबल बढ़ाया और अतिवृष्टि से पीड़ित लोगों से चर्चा कर उनका हौसला बढ़ाया. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों की मदद करना मध्यप्रदेश शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके अतिरिक्त अतिवृष्टि एवं बाढ़ से राहत बचाव कार्यों के संबंध में आवश्यक सभी कदम उठाए जाएं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि अतिवृष्टि से जनता को किसी भी प्रकार की समस्या न हो पाए.

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